Astrology & Faith: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सिर्फ इन्हीं लोगों को क्यों दिखाई देते हैं भूत-प्रेत, जानिए ?

Astrology & Faith: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सिर्फ इन्हीं लोगों को क्यों दिखाई देते हैं भूत-प्रेत, जानिए ?

धर्म एवं आस्था डैस्कः आपने कई बार किसी न किसी व्यक्ति के बारे में सुना होगा कि उसे भूत-प्रेत या आत्माएं दिखाई देती हैं। अक्सर हम ऐसी बातों को ये कहकर अनसुना कर देते हैं, कि उसे कोई मैंटली प्रोब्लम होगी, अगर उसे ऐसी चीज़ें देखाई देती हैं तो हमें क्यों नहीं ? या कई लोग किसी को ऐसी चीज़ें दिखाई देने पर उससे किनारा करने लग जाते हैं या फिर उसका मज़ाक उड़ाने लग जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हैं, ज़रा इस उदाहरण का जवाब दीजिए कि महाभारत के युद्ध के दौरान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था और अपने विराट रूप के दर्शन दिए थे। श्री कृष्ण के विराट रूप के दर्शन सिर्फ अर्जुन को ही क्यों हुए थे बाकी किसी को क्यों नहीं हुए थे, लेकिन फिर भी हम श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद, गीता के उपदेश और विराट रूप के दर्शन होने को सत्य घटना मानते हैं और उनपर गहरी आस्था व भक्ति रखते हैं, क्योंकि हम भगवान पर विश्वास करते हैं कि वो हैं। ठीक वैसे ही ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष तरह के लोगों को भूत-प्रेत, आत्मा आदि का दिखाई देना भी सत्य हो सकता है, चलीए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हम इसे समझते हैं। ज्योतिष में कहा जाता है कि जो व्यक्ति राक्षण गण होते हैं, वे ही लोग ही इन्हें देख या महसूस कर पाते हैं। राक्षस गण वाले लोगों को इन शक्तियों का अहसास तुरंत हो जाता है। ऐसे लोग भूत-प्रेत व आत्मा आदि शक्तियों को तुरंत ही भांप जाते हैं। अपने आस-पास उन्हें महसूस कर पाते हैं।

क्या हैं राक्षस गण?
राक्षस गण, यह शब्द जीवन में कई बार सुनने में आता है लेकिन कुछ ही लोग इसका मतलब जानते हैं व समझ पाते हैं। यह शब्द सुनते ही मन और मस्तिष्क में एक अजीब सा भय भी उत्पन्न होने लगता है और हमारा मन राक्षस गण वाले लोगों के बारे में कई कल्पनाएं भी करने लगता है। जबकि सच्चाई काफी अलग है। ज्योतिष शास्त्र के आधार पर प्रत्येक मनुष्य को तीन गणों में बांटा गया है- मनुष्य गण, देव गण व राक्षस गण।

कैसे पहचाना जाता है राक्षस गण को ?
कौन सा व्यक्ति किस गण का है यह कुंडली के माध्यम से जाना जा सकता है। मनुष्य गण तथा देव गण वाले लोग सामान्य होते हैं। जबकि राक्षस गण वाले जो लोग होते हैं उनमें एक नैसर्गिक गुण होता है। यदि उनके आस-पास कोई नकरात्मक शक्ति है तो उन्हें तुरंत इसका अहसास हो जाता है। कई बार इन लोगों को यह शक्तियां दिखाई भी देती हैं लेकिन इसी गण के प्रभाव से इनमें इतनी क्षमता भी आ जाती है कि वे इनसे जल्दी भयभीत नहीं होते। राक्षस गण वाले लोग साहसी भी होते हैं तथा विपरीत परिस्थिति में भी घबराते नहीं हैं।

                                                                                                                                           image courtesy- Pixabay

Leave a Reply

Close Menu
error: Content is protected !!